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जीएसटी में प्रस्तावित बदलाव 3-4 सितंबर को तय होंगे: जानें कौन-सी चीजें होंगी सस्ती या महंगी।

जीएसटी में प्रस्तावित बड़े सुधार

सरकार जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) में महत्वाकांक्षी सुधार करने की योजना बना रही है। इसके लिए मंत्रियों के एक समूह (GOM) को सिफारिशें तैयार करने का कार्य सौंपा गया है। इस प्रक्रिया में जीएसटी संरचना में आवश्यक बदलाव सबसे महत्वपूर्ण होंगे। सूत्रों के अनुसार, GOM 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की जीएसटी स्लैब समाप्त करने का सुझाव दे सकता है। यदि ये परिवर्तन लागू होते हैं, तो कई वस्तुओं पर जीएसटी दरों में बदलाव किए जाने की आवश्यकता होगी।

कुछ वस्तुओं पर जीएसटी दरें बढ़ सकती हैं

सूत्रों की जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार का विचार है कि कुछ वस्तुओं की जीएसटी दरें कम की जाएंगी जबकि अन्य की बढ़ाई जाएंगी। इसका उद्देश्य जीएसटी से राजस्व में कमी लाना नहीं है, बल्कि विकास को प्रोत्साहित करना है। उदाहरण के लिए, वर्तमान में जैव कीटनाशक और उर्वरक जैसे उत्पादों पर 18 प्रतिशत और 12 प्रतिशत की जीएसटी दर है, जिसे घटाकर 5 प्रतिशत करने की योजना है। इससे कृषि क्षेत्र में इनपुट की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।

कोयला और ऊर्जा उत्पादों पर जीएसटी में वृद्धि

जीएसटी में कोयला, ब्रीकेट और ठोस ईंधन पर वर्तमान में 5 प्रतिशत की दर है, जिसे बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके परिणामस्वरूप जीएसटी राजस्व पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, अक्षय ऊर्जा से संबंधित विभिन्न उत्पादों की जीएसटी दरों पर भी बदलाव किया जाएगा। उदाहरण के लिए, सौर कुकर और सौर जल हीटर जैसे उपकरणों पर वर्तमान में 12 प्रतिशत जीएसटी है, जिसे घटाकर 5 प्रतिशत करने की सोच है। यह हरित ऊर्जा के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करेगा।

परिधान क्षेत्र में जीएसटी दरों में परिवर्तन

सरकार ने परिधान पर जीएसटी दरों को भी बदलने की योजना बनाई है। सिंथेटिक या आर्टिफिशियल फिलामेंट यार्न, सिलाई थ्रेड्स, मैन-मेड स्टेपल फाइबर यार्न आदि पर वर्तमान में 12 प्रतिशत की दर है, जो कि 5 प्रतिशत तक कम की जा सकती है। यह बदलाव कपड़ा उद्योग को राहत प्रदान करेगा। इसके साथ ही, परिधान पर जीएसटी दर को भी संशोधित किया जाएगा। मौजूदा 5 प्रतिशत की दर को 1,000 रुपये तक के परिधान पर लागू किया जाता है, जिसे 2,500 रुपये तक बढ़ाने का विचार है।

महंगे फुटवियर पर जीएसटी में वृद्धि

शीर्श समारोह में, जूतों और चप्पलों पर जीएसटी दरों के मामले में भी बदलाव की संभावना है। वर्तमान में, 2,500 रुपये से कम के जूतों पर 12 प्रतिशत जीएसटी है, जिसे घटाकर 5 प्रतिशत किया जा सकता है। वहीं, 2,500 रुपये से अधिक के फुटवियर पर जीएसटी 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।

आगामी जीएसटी काउंसिल बैठक

जीएसटी काउंसिल की बैठक दिल्ली में निर्धारित की गई है, जो 3 और 4 सितंबर को होगी। इस बैठक में दरों में बदलाव के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। सरकार की योजना है कि अगले महीने के अंत तक इन परिवर्तनों की जानकारी दी जाएगी।

जीएसटी सुधारों का उद्देश्य

इन प्रस्तावित परिवर्तनों का मुख्य उद्देश्य व्यवसायों को आर्थिक प्रगति के लिए प्रोत्साहित करना और उपभोक्ताओं के लिए सस्ती कीमतें सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि जीएसटी की दरों में यह पुनर्गठन जीएसटी प्रणाली को अधिक सरल और प्रभावी बनाएगा।

आर्थिक प्रभाव और लाभ

इन सुधारों का व्यापक असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। यदि जीएसटी दरों में क्रमिक परिवर्तन किए जाते हैं, तो इससे न केवल राजस्व में वृद्धि की संभावना है, बल्कि यह विभिन्न प्रकार की वस्तुओं की कीमतों को भी नियंत्रित करने में मदद करेगा।

निष्कर्ष

सरकार जीएसटी में महत्वपूर्ण सुधार करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए गंभीरता से विचार कर रही है। इन प्रस्तावित परिवर्तनों के माध्यम से न केवल व्यापारियों और उपभोक्ताओं को लाभ होगा, बल्कि यह देश की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाएगा। वक्त की जरूरत है कि इन सुधारों पर त्वरित कार्रवाई की जाए और उचित समय पर उनका कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

इन बड़े सुधारों की तैयारी के लिए उच्च स्तर पर चर्चा और योजना बनाना आवश्यक है, ताकि सभी पक्षों के हितों को सही ढंग से समाहित किया जा सके। यह बदलाव भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सिद्ध हो सकता है।

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