मथुरा

हरियाणा से बिहार तक दो तस्कर शराब खरीदते हुए गिरफ्तार हुए

मथुरा में शराब तस्करों की गिरफ्तारी

मथुरा। आबकारी विभाग और रिफाइनरी पुलिस ने हरियाणा से बिहार में शराब की तस्करी करने वाले दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी मंगलवार रात हुई, जब उनके कब्जे से लाखों रुपये की विभिन्न ब्रांडों की अंग्रेजी शराब और शराब की तस्करी के लिए प्रयुक्त कार बरामद की गई।

घटना का विवरण

जिला उत्पाद शुल्क अधिकारी उपेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार रात को उन्हें सूचना मिली थी कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर शराब की तस्करी हो रही है। इस जानकारी के आधार पर, उन्होंने आबकारी निरीक्षक निहंत यादव को तस्करों को पकड़ने का निर्देश दिया। इसके बाद, आबकारी और रिफाइनरी पुलिस की एक टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारी चौकी के पास एक जांच चौकी स्थापित की।

जांच के दौरान, एक संदिग्ध कार को देखा गया। जब पुलिस को देखकर चालक ने कार को शहर की ओर मोड़ने की कोशिश की, तो पुलिस और आबकारी टीम ने उसे रोक लिया। जैसे ही पुलिस ने कार रोकी, ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति उसमें सवार हो गए। टीम ने तत्परता से दौड़कर दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद की पूछताछ

गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपनी पहचान बताई। एक तस्कर ने अपना नाम आशीष पाल बताया, जो प्रतापगढ़ के मधोपुर का निवासी है, और दूसरे ने मुकेश कुमार कहा, जो पटना का निवासी है। कार की तलाशी लेने पर विभिन्न ब्रांडों की अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसकी कीमत लाखों रुपये में बताई जा रही है।

तस्करों ने कहा कि वे शराब को हरियाणा से बिहार ले जा रहे थे। यह जानकारी यह स्पष्ट करती है कि राज्य में शराब की तस्करी पर कड़ा नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। इस गिरफ्तारी से यह भी प्रमाणित होता है कि पुलिस और आबकारी विभाग सचेत हैं और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर रहे हैं।

शराब तस्करी का खतरा

शराब तस्करी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक गंभीर खतरा है। इससे युवाओं में नशे की लत बढ़ सकती है और सामाजिक व्यवस्था प्रभावित होती है। इसके अलावा, अवैध शराब से होने वाली समस्याएँ स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। इसलिए, इस तरह की गतिविधियों पर रोकथाम हेतु फैलाव किए जाने की आवश्यकता है।

आगे की कार्रवाई

गिरफ्तार तस्करों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि तस्करी के इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं। स्थानीय आबकारी विभाग भी इस मामले की गहन जांच कर रहा है ताकि अन्य संभावित तस्करों का पता लगाया जा सके और उन्हें पकड़ने के लिए कार्यवाही की जा सके।

निष्कर्ष

इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि मथुरा में शराब तस्करी की गतिविधियों पर नियंत्रण रखने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई जारी रहेगी। अगर ऐसे मामलों में लगातार तत्परता दिखाई गई, तो समाज में शराब की अवैध तस्करी पर शायद अंकुश लगाया जा सकेगा। यह घटना सभी सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के लिए एक चेतावनी होनी चाहिए कि वे हमेशा सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना अवश्य दें।

इस प्रकार से सामाजिक सुरक्षा को बनाए रखना और शराब की तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना सभी की जिम्मेदारी है। जागरूकता और तत्परता से ही हम एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं।

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